

रंग लाई किशना बगोट व चन्द्रमोहन जदली की मेहनत।
अनुरागी बन्धुओं को मिला प्रतिष्ठित संगीत का बिस्मिलाह खाँ युवा पुरस्कार
केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन मंत्री गजेंद्र शेखावत के हाथों मिला पुरस्कार।
कोटद्वार। विकासखण्ड द्वारीखाल के अन्तर्गत व गूमखाल के निकट ग्राम कोटलमंडा निवासी तीन दृष्टिबाधित दिव्यांग भाई बहन अनुरागी बन्धु प्रतिष्ठित बिस्मिलाह खाँ युवा पुरस्कार से सम्मानित हुए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता चन्द्रमोहन जदली ने बताया कि सुप्रसिद्ध कवि व संस्कृति प्रेमी किशना बगोट पिछले कई वर्षों से अनुरागी बन्धुओं की संगीत व गायन की प्रतिभा को निखारने व उन्हें सम्मानजनक मंच व स्थान देने हेतु प्रयासरत थे। वे उन्हें अपने देहरादून निवास में संगीत का विशेष प्रशिक्षण दिलवाने व उनकी संगीत प्रतिभा को देहरादून के कई बड़े मंचों पर सम्मान दिलवाने के लिए अथक परिश्रम करते रहे। सामाजिक कार्यकर्ता रघुबीर बिष्ट के विशेष सहयोग के कारण किशना बगोट ने विगत् वर्ष देहरादून के संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में अनुरागी बधुओं के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया था जिसके चलते अनुरागी बन्धु उत्तराखण्ड में बहुत चर्चित हुए थे। यही नहीं किशना बगोट ने अपने रचित शानदार गीतों की अनुरागी बंधुओं की आवाज़ में संगीतबद्द रिकॉर्डिंग करवा कर यू ट्यूब चैनल पर भी प्रसारित करवाये थे। जो बेहद ही लोकप्रिय हुए थे। चन्द्रमोहन जदली ने बताया कि निर्मल,मुकेश व अंजलि अनुरागी का लोक संगीत के क्षेत्र में संगीत नाटक अकादमी द्वारा आयोजित 2025 के बिस्मिलाह खाँ युवा पुरस्कार के लिए चयनित व सम्मानित होना उत्तराखण्डियों के लिए बेहद गर्व व प्रसन्नता का विषय है।
चन्द्रमोहन जदली ने बताया कि माता मंगला देवी व श्री भोले जी महाराज द्वारा हँस फाउंडेशन के माध्यम से अनुरागी बन्धुओं को पिछले कई वर्षों से प्रोत्साहन हेतु पेंशन सहायता प्रदान की जाती है। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत द्वारा भी अनेक मंचों पर अनुरागी बन्धुओं को सम्मानित किया गया है। अनुरागी बन्धुओं की इस उपलब्धि पर अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं व संस्कृतिकर्मियों द्वारा हर्ष जताया गया है।

