


रामरतन सिह पंवार/जखोली
रतूड़ा मे 23 अगस्त को होगा कांची कामकोटी शंकराचार्य के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण
वरिष्ठ पत्रकार श्यामलाल सुन्दरियाल ने दी जानकारी
रुद्रप्रयाग। श्री कांची कामकोटि शंकरा धर्मार्थ अस्पताल उत्तरकांची रतूड़ा में पुनर्निर्मित परिसर के 23 अगस्त को भव्य लोकार्पण समारोह के साथ ही अस्पताल परिसर में ओपीडी सेवाएं प्रारंभ की जा रही हैं। यह जानकारी देते हुए श्री कांची कामकोटि धर्मार्थ अस्पताल उत्तरकांची रतूड़ा परियोजना के संस्थापक सदस्य एवं ट्रस्ट के सलाहकार व परियोजना के समन्वयक वरिष्ठ पत्रकार श्यामलाल सुंदरियाल ने कहा कि धर्मार्थ अस्पताल के संचालन से जुड़े एच एच श्री जयेंद्र सरस्वती स्वामिंगल गोल्डन जुबली धर्मार्थ ट्रस्ट कांचीपुरम तामिलनाडु के पांचों ट्रस्टियों की उपस्थिति में विधायक रुद्रप्रयाग एवं राज्य के लघु सिंचाई सूक्ष्म उद्योग खादी ग्रामोद्योग एवं ग्रामीण विकास मंत्री भारत सिंह चौधरी मुख्य अतिथि होंगे वहीं इस अवसर पर विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल अतिविशिष्ट अतिथि एवं अध्यक्षा जिला पंचायत रुद्रप्रयाग पूनम कठैत विशिष्ट अतिथि होंगी। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि कांची कामकोटि पीठ के जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी श्री विजयेंद्र सरस्वती के पावन सानिध्य में स्थापित एच एच श्री जयेंद्र सरस्वती स्वामिंगल गोल्डन जुबली धर्मार्थ ट्रस्ट कांचीपुरम के तहत कृष्ण कुमार, के स्वामीनाथन, के वी श्रीराम,शिवशंकरण के साथ ही श्री आनंद को मिलाकर गठित की गई पांच सदस्यों की सर्वोच्च समिति को अस्पताल के जर्जर परिसर का पुनर्निर्माण कर संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी ।विगत चार वर्षों के दौरान ट्रस्ट द्वारा पुराने जर्जर भवनों का पुनरूद्धार का काम किया गया,वहीं अस्पताल परिसर में स्थापित सभी पुराने अप्रयोज्य हो चुके चिकित्सा उपकरणों को हटाकर आधुनिकतम चिकित्सा उपकरणों को स्थापित करने की पहल पर कार्य किया जा रहा था। बताया कि रोग निदान की दिशा में पहल करते हुए आधुनिकतम चिकित्सा उपकरणों से लैस खून जांच हेतु लैब एवं रेडियोलॉजी उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि धर्मार्थ अस्पताल की विगत चार दशकों की सेवा यात्रा के दौरान अस्पताल के नाम ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज हैं। बताया कि उत्तरप्रदेश के दौरान उत्तराखंड में चिकित्सा की ढांचागत सुविधाओं के अभाव में जनपद रुद्रप्रयाग के साथ ही समवर्ती जनपदों के अलावा प्रसिद्ध चार धाम यात्रा के दौरान धर्मार्थ चिकित्सालय द्वारा उल्लेखनी सेवाएं दी गई ,वहीं अस्सी और नब्बे के दशक के दौरान चिकित्सालय ने उत्तराखंड में क्षय रोग निदान में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है,इसके लिए श्री कांची कामकोटि शंकरा धर्मार्थ अस्पताल उत्तरकांची रतूड़ा को विश्व स्वास्थ्य संगठन की एशिया पैसिफिक बुक ऑफ वर्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। वहीं इन चालीस वर्षों के दौरान अस्पताल परिसर में समय समय पर आयोजित निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविरों के माध्यम से गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल के दस हजार से अधिक नेत्र रोगियों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन कर, निःशुल्क उच्च गुणवत्ता के लैंस प्रत्यारोपित कर नेत्र ज्योति प्रदान करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
