


राज्यसभा चुनाव : भाजपा ने दिनेश आर्य को बनाया उम्मीदवार
विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा का दलित चेहरा आगे,
देहरादून। उत्तराखंड में राज्यसभा की एक सीट के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर दिया है। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने रविवार को दिनेश आर्य के नाम पर मुहर लगाई। पार्टी के केंद्रीय कार्यालय की ओर से 4 अक्टूबर को जारी विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी गई।
दिनेश आर्य हल्द्वानी/नैनीताल क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं और वर्तमान में राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष के पद पर दायित्व संभाल रहे हैं। वह पूर्व में नैनीताल भाजपा जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
राज्यसभा की इस सीट के लिए भाजपा में लंबे समय से कई नामों की चर्चा चल रही थी। प्रदेश संगठन की ओर से संभावित नामों की सूची भी केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई थी। ऐसे में पार्टी नेतृत्व द्वारा संगठन से जुड़े अपेक्षाकृत जमीनी चेहरे दिनेश आर्य को प्रत्याशी बनाए जाने को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए इसे सामाजिक समीकरण साधने की कवायद के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि, यह पार्टी के फैसले की राजनीतिक व्याख्या है, न कि भाजपा द्वारा घोषित उद्देश्य।
खरगे प्रकरण के बाद दलित राजनीति भी चर्चा में
दिनेश आर्य को प्रत्याशी बनाए जाने के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़ा हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण’ विवाद भी राजनीतिक चर्चा में है। अगस्त में खरगे ने हल्द्वानी में अपनी रैली के बाद कथित शुद्धिकरण की घटना का मुद्दा राज्यसभा में उठाते हुए इसे अपनी दलित पहचान से जोड़ा था। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने उस समय घटना को दुखद बताते हुए जांच का भरोसा दिया था।
अब राज्यसभा चुनाव के लिए दिनेश आर्य को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद उत्तराखंड की राजनीति में दलित प्रतिनिधित्व और सामाजिक समीकरण एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।
पश्चिम बंगाल से कोयल मल्लिक को टिकट
भाजपा ने उत्तराखंड के साथ-साथ पश्चिम बंगाल की राज्यसभा उपचुनाव सीट के लिए रुक्मिणी मल्लिक (कोयल मल्लिक) को भी उम्मीदवार घोषित किया है। दोनों नामों की घोषणा भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने की है।
