अनामिका एक उदधि हिलोर काव्य संग्रह का विमोचन

अनामिका एक उदधि हिलोर काव्य संग्रह का विमोचन

अनामिका एक उदधि हिलोर काव्य संग्रह का विमोचन

देहरादून… एस.एन एडवरटाइजर्स एंड कंपनी के पब्लिकेशन में ’अनामिका एक उदधि हिलोर’ पुस्तक का विमोचन एक होटल में किया गया पुस्तक को युवा लेखिका अनामिका गायत्री ने लिखा है पुस्तक में कविताओं का संग्रह है जो पर्यावरण, प्रकृति, राष्ट्र, समुद्र, मौसम, ब्रह्मांड, बचपन, संस्कृति प्रेम, सामाजिकता, पलायन सहित विभिन्न विषयों पर लिखी गई है.पुस्तक में मुख्य अतिथि के रूप में ताजबर सिंह जग्गी अपर आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड,विशिष्ट अतिथि के रूप में पद्मा श्री बसंती बिष्ट, लोक गायिका मीना राणा बीएसपीएस के राष्ट्रीय महासचिव गिरधर शर्मा, उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजय राणा, रस्किन बॉन्ड फाउंडेशन के डायरेक्टर सिद्धार्थ बॉन्ड,भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रवीर गायत्री, बीज विकास निगम की एम डी रविंद्री मंन्द्रवाल, फिल्म प्रोड्यूसर राम नेगी, वरिष्ठ कवि अतुल शर्मा, कवि शांति प्रसाद जिज्ञासु, कवि सुरेश स्नेही, हरिवंश ट्रस्ट की अध्यक्ष श्रीमतीयोग्यता जोशी, एफ डब्लू ए की अध्यक्ष विधि जोशी, विवेक कुमार तोमर, विजयपाल रावत, कुंवर राज अस्थाना, लेखक मुकेश लाल, उमा राना, महेंद्र भंडारी, पत्रकार मनमोहन लखेड़ा,प्रेम पंचोली,सहित बड़ी संख्या में साहित्य से जुड़े लोगों ने प्रतिभा किया मुख्य अतिथि ताजबर सिंह जग्गी ने अपने उद्बोधन में कहा की युवा पीढ़ी में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति काव्य के प्रति जो लक है वह भारत की भाषा को अंतरराष्ट्रीय फलक पर और समृद्ध करने का काम करेगी उन्होंने कहा अनामिका गायत्री जिन्होंने इस काव्य संग्रह का संकलन किया है विदेश में उच्च शिक्षा हेतु अध्यनरत उनके द्वारा भारतीय भाषा का इस तरह से प्रचार प्रसार अपने आप में एक विशिष्ट उपलब्धि है अनामिका गायत्री विदेश नीति में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही है उनके इस काव्य संग्रह से हिंदी भाषा को युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा के रूप लेगी. पद्मश्री बसंती बिष्ट ने भी अनामिका गायत्री की इस पुस्तक की भूरी भूरी प्रशंसा की और कहा इस छोटी सी उम्र में साहित्य संस्कृति के प्रति जो लक अनामिका के अंदर है वह उत्तराखंड सहित पूरे विश्व में उत्तराखंड के साहित्य एवं प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन अनामिका के कविता संग्रह में लोगों को पढ़ने को मिलेगा. अपनी बात रखती हुई लेखिका अनामिका गायत्री ने पुस्तक ‘अनामिका एक उदधि हिलोर’ के बारे में आम जनमानस को बताया उन्होंने अपने संबोधन में अनामिका शब्द को अनंत समुद्र की अनंत लहरों का नाम दिया उन्होंने कहा की मेरी माता-पिता ने जो नाम मुझे दिया है वह नाम ही मेरी काव्य शैली का प्रथम विचरण शब्द बना कौन है अनामिका कैसी है अनामिका और क्यों है अनामिका अखंड ब्रह्मांड की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा जिस तरह समुद्र की सीमाएं बांधना नामुमकिन है जैसे समुद्र की लहरों को गिनना नामुमकिन है उसी प्रकार हिंदी काव्य की सीमाएं बांधना भी नामुमकिन है क्योंकि यह भी एक अनंत विषय है जिस पर जितना सोचा जाए जितना लिखा जाए उतना ही काम है सभी दर्शकों ने जोरदार तालिया से अनामिका के इस संबोधन को करतल ध्वनि से सम्मान दिया. कार्यक्रम में संगीत निर्देशक सुरेंद्र कोहली एवं महेश गंधर्व की बांसुरी ने शुरू शुरू से शमा बांधे रखा.

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