


2027 चुनाव से पहले धर्मपुर भाजपा में हलचल, दो मंडल अध्यक्षों के इस्तीफे से बढ़ी सियासी चर्चा
देहरादून। विधानसभा चुनाव-2027 से पहले धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा संगठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी के दो मंडल अध्यक्षों से जुड़े इस्तीफे के घटनाक्रम ने क्षेत्र की राजनीति में चर्चाओं को हवा दे दी है। खास बात यह है कि दोनों मंडल अध्यक्षों को निर्दलीय प्रत्याशी रहे वीर सिंह पंवार का करीबी माना जाता रहा है।
धर्मपुर विधानसभा के श्यामा प्रसाद मुखर्जी मंडल अध्यक्ष वासुदेव जखमोला को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। जखमोला का कहना है कि उन्होंने औपचारिक रूप से इस्तीफा नहीं दिया था। उन्होंने संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को व्हाट्सऐप के माध्यम से अपनी असहमति और संगठनात्मक जिम्मेदारी निभाने में आ रही दिक्कतों से अवगत कराया था। इसके बाद भाजपा संगठन ने उनके स्थान पर कमल राठौर को मंडल अध्यक्ष नियुक्त कर दिया।
वहीं, पं. दीनदयाल उपाध्याय मंडल अध्यक्ष आशीष गिरी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे में गिरी ने पारिवारिक कारणों और निजी व्यस्तताओं का हवाला देते हुए कहा कि वह संगठन को अपेक्षित समय और पूरी सक्रियता देने में असमर्थ हैं। उन्होंने संगठन से अपना इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया है।
भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल के मुताबिक दोनों मामलों में संगठन स्तर पर निर्णय लिया गया है। हालांकि, मंडल अध्यक्षों के इस्तीफे और उनके राजनीतिक संबंधों को लेकर धर्मपुर विधानसभा में चर्चाएं तेज हैं।
धर्मपुर सीट पर भाजपा के मौजूदा विधायक विनोद चमोली हैं। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी के भीतर कई नेताओं की सक्रियता भी बढ़ी हुई है। ऐसे में संगठन के दो महत्वपूर्ण पदों पर हुए बदलाव को चुनावी तैयारियों के बीच अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
दो मंडल अध्यक्षों को निर्दलीय प्रत्याशी वीर सिंह पंवार का करीबी माना जाना इस पूरे घटनाक्रम को और राजनीतिक महत्व दे रहा है। हालांकि, इस्तीफे की वजह के तौर पर आशीष गिरी ने निजी एवं पारिवारिक व्यस्तताओं का उल्लेख किया है। पार्टी संगठन की ओर से भी इसे संगठनात्मक प्रक्रिया बताया जा रहा है।
