


विदेशी करियर छोड़ देवभूमि लौटी निधि सेमवाल, देहरादून में शुरू किया ‘हिमालयन समूण कैफे’
रायपुर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने किया शुभारंभ, स्थानीय उत्पादों और किसानों को मिलेगा नया बाजार
देहरादून, 24 जून। उत्तराखंड के पारंपरिक खाद्य उत्पादों, स्थानीय किसानों और पहाड़ी संस्कृति को नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए देहरादून में “हिमालयन समूण कैफे – हिमालय का उपहार” का भव्य शुभारंभ किया गया। कैफे का उद्घाटन रायपुर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने किया।
यह कैफे केवल एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान नहीं, बल्कि “वोकल फॉर लोकल” और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की भावना को समर्पित एक पहल है। इसका उद्देश्य उत्तराखंड के मंडुवा, झंगोरा, गहत, भट्ट, जखिया सहित अन्य पारंपरिक उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाना तथा स्थानीय किसानों को मजबूत बाजार उपलब्ध कराना है।
हिमालयन समूण कैफे की संस्थापक निधि सेमवाल हैं, जिन्होंने अमेरिका और स्विट्जरलैंड में सफल कॉर्पोरेट करियर के बाद अपनी जन्मभूमि लौटकर स्थानीय उत्पादों, किसानों और पहाड़ी संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। इस पहल में सचिदानंद सेमवाल भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने कहा कि इस तरह के प्रयास स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए ऐसे नवाचारों की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की पारंपरिक फसलें और खाद्य उत्पाद उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान हैं और इनके संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि हिमालयन समूण कैफे स्थानीय किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों के लिए एक मजबूत मंच साबित होगा। साथ ही यह उत्तराखंड के पारंपरिक स्वाद और संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कैफे में उत्तराखंड के पारंपरिक अनाज और स्थानीय उत्पादों से तैयार व्यंजन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे लोगों को पहाड़ के असली स्वाद का अनुभव होगा और किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
