जिस जिगर के टुकड़े मयंक को मां को आठ दिन से था इंतजार उसका 8 दिन बाद जंगल में मिला शव

जिस जिगर के टुकड़े मयंक को मां को आठ दिन से था इंतजार उसका 8 दिन बाद जंगल में मिला शव

जिस जिगर के टुकड़े मयंक को मां को आठ दिन से था इंतजार उसका 8 दिन बाद जंगल में मिला शव

रुद्रप्रयाग: जनपद के अगस्त्यमुनि ब्लॉक के बाड़व गांव से बीते आठ दिनों से लापता चार वर्षीय मासूम मयंक का शव रविवार को घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर माण सेमार मल्ला क्षेत्र के जंगल में बरामद हुआ। शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह जंगल घास लेने गई महिलाओं ने बच्चे का शव देखा, जिसके बाद तत्काल ग्रामीणों और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग भेज दिया।

बताया जा रहा है कि शव पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं मिले हैं और न ही किसी जंगली जानवर द्वारा नुकसान पहुंचाने के संकेत हैं। ऐसे में बच्चे की मौत संदिग्ध मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

गौरतलब है कि 4 अप्रैल को मयंक की मां जंगल गई थी, उसी दौरान मासूम भी घर से निकल गया और इसके बाद लापता हो गया था। पिछले आठ दिनों से ग्रामीणों, वन विभाग, डीडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा लगातार उसकी तलाश की जा रही थी। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से भी आसपास के क्षेत्रों में सघन सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।

ग्राम प्रधान अंजना देवी के अनुसार, रविवार सुबह गांव की महिलाओं को जंगल में बच्चे का शव दिखाई दिया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

अगस्त्यमुनि कोतवाली प्रभारी गुमान सिंह नेगी ने बताया कि शव घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल में मिला है और शव नीला पड़ा हुआ था। प्रथम दृष्टया मामला जंगली जानवर के हमले का प्रतीत नहीं हो रहा है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

वहीं, मासूम का शव मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां मनीषा देवी और पिता विजय लाल गहरे सदमे में हैं।

सर्च ऑपरेशन पर उठे सवाल…

इस पूरे मामले में सर्च अभियान को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस के अनुसार, जिस स्थान पर शव मिला, वहां से करीब 150 मीटर पहले तक ही तलाशी अभियान चलाया गया था, जबकि आगे का क्षेत्र छूट गया था। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इतने बड़े सर्च ऑपरेशन के बावजूद यह क्षेत्र कैसे छूट गया।

 

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